सत्यनारायण कथा: पूजा विधि, महत्व और कलियुग में सुख-शांति पाने का सरल उपाय

सत्यनारायण पूजा का दार्शनिक और आध्यात्मिक अधिष्ठान: सत्य ही नारायण है भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में सत्य को केवल एक नैतिक आचरण नहीं, बल्कि सर्वोच्च सत्ता के रूप में प्रतिष्ठापित किया गया है। श्री सत्यनारायण की पूजा का मूल मर्म इस बोध में निहित है कि ‘सत्य ही नारायण है’ और नारायण ही शाश्वत सत्य हैं । हिंदू धर्म दर्शन के अनुसार, सृष्टि के सृजन से पूर्व, प्रलय के उपरांत और वर्तमान की स्थिति में—इन सभी अवस्थाओं में जो तत्व अपरिवर्तनीय रहता है, वही सत्य है और वही नारायण का स्वरूप है । स्कंद पुराण के रेवाखंड में वर्णित यह कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं है, बल्कि यह कलियुग के जटिल और अशांत परिवेश में मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने वाला एक सशक्त आध्यात्मिक उपकरण है । ...

January 1, 2026